ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
खेल

रिपोर्टर का चुभता सवाल, भारत-पाक क्रिकेट टकराव पर BCCI ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली। एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम का ऐलान करने हेतु मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस सामान्य ढंग से चल रही थी। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और कप्तान सूर्यकुमार यादव पत्रकारों के टीम चयन से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे थे। लेकिन कॉन्फ्रेंस के अंत में माहौल अचानक बदल गया, जब एक पत्रकार ने 14 सितंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर सवाल दाग दिया।

पत्रकार ने हालिया राजनीतिक और सैन्य तनाव का हवाला देते हुए पूछा कि टीम इस मैच को लेकर क्या रुख अपनाएगी? सवाल सुनते ही बीसीसीआई के मीडिया मैनेजर तुरंत बीच में आए और पत्रकार को रोकते हुए कहा—
“रुकिए, अभी रुकिए। अगर आपके पास टीम चयन से जुड़ा कोई सवाल है तो आप वही पूछिए।”

इस हस्तक्षेप के बाद अगरकर और यादव को किसी भी संवेदनशील टिप्पणी से बचा लिया गया।

दरअसल, अप्रैल-मई में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले और 7 मई को भारत की ओर से किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। यह मुद्दा संसद में भी गूंज चुका है, लेकिन बीसीसीआई ने अब तक इस पर आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है।

ऐसे में चयन समिति की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल उठना बीसीसीआई के लिए ‘आउट ऑफ सिलेबस’ साबित हुआ। बोर्ड ने तुरंत रक्षात्मक रुख अपनाते हुए इस संवेदनशील मुद्दे को टाल दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button